नमस्ते छात्रों! एक वरिष्ठ कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक के रूप में, मैंने पिछले कई वर्षों में देखा है कि छात्र अक्सर ‘कंप्यूटर नेटवर्क’ जैसे महत्वपूर्ण अध्याय को केवल रटने की कोशिश करते हैं। यह अध्याय न केवल आपकी बोर्ड परीक्षा के लिए 10-15 अंकों का वेटेज रखता है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक की दुनिया की नींव भी है।
यह ‘वन-शॉट’ गाइड विशेष रूप से सीबीएसई (CBSE) और एनसीईआरटी (NCERT) के नवीनतम पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यहाँ हम बुनियादी अवधारणाओं से लेकर जटिल प्रोटोकॉल तक, हर विषय की गहराई से व्याख्या करेंगे। इस गाइड को अंत तक पढ़ने के बाद, आप न केवल परीक्षा के लिए तैयार होंगे, बल्कि नेटवर्क की कार्यप्रणाली को एक विशेषज्ञ की तरह समझ पाएंगे।
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1. प्रस्तावना: कंप्यूटर नेटवर्क की दुनिया (Introduction to Computer Networks)
जब दो या दो से अधिक स्वतंत्र कंप्यूटर या डिजिटल उपकरण (जैसे स्मार्टफोन, प्रिंटर, सर्वर) आपस में सूचनाओं, डेटा और संसाधनों (Resources) को साझा करने के उद्देश्य से जुड़ते हैं, तो इस समूह को कंप्यूटर नेटवर्क (Computer Network) कहा जाता है।
नेटवर्किंग का मुख्य उद्देश्य ‘संसाधनों का इष्टतम उपयोग’ करना है। उदाहरण के लिए, यदि एक कार्यालय में 20 कंप्यूटर हैं, तो हमें 20 प्रिंटर खरीदने की आवश्यकता नहीं है; हम नेटवर्क के माध्यम से एक ही प्रिंटर को सभी 20 कंप्यूटरों के साथ साझा कर सकते हैं।
दैनिक जीवन में प्रासंगिकता:
- इंटरनेट (Internet): दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क।
- फाइल शेयरिंग (File Sharing): गूगल ड्राइव या ड्रॉपबॉक्स का उपयोग।
- सोशल मीडिया: फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान।
विशेष बॉक्स: “बोर्ड परीक्षा के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?” बोर्ड परीक्षा में ‘कंप्यूटर नेटवर्क’ खंड से लगभग 10 से 15 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 1-अंक के फुल फॉर्म, 2-अंक के अंतर (जैसे Hub vs Switch), और 4-अंक का ‘केस स्टडी’ (Case Study) आधारित प्रश्न शामिल होता है। यह अध्याय आपकी ‘स्कोरिंग’ क्षमता को बढ़ाता है क्योंकि इसके उत्तर संक्षिप्त और तकनीकी होते हैं।
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2. कंप्यूटर नेटवर्क के मूलभूत घटक (Basic Components)
एक नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ बुनियादी घटकों की आवश्यकता होती है:
- नोड या वर्कस्टेशन (Node / Workstation): नेटवर्क से जुड़ा प्रत्येक कंप्यूटर या उपकरण ‘नोड’ कहलाता है। यह डेटा भेज (Sender), प्राप्त (Receiver) या प्रोसेस कर सकता है।
- सर्वर (Server): यह एक शक्तिशाली कंप्यूटर है जो नेटवर्क के अन्य नोड्स को सेवाएँ (Services) और संसाधन (Resources) प्रदान करता है। सर्वर में उच्च भंडारण (Storage) और प्रसंस्करण (Processing) क्षमता होती है।
- क्लाइंट (Client): वह कंप्यूटर जो अपनी आवश्यकताओं (जैसे वेब पेज खोलना या फाइल डाउनलोड करना) के लिए सर्वर से अनुरोध (Request) करता है।
तालिका: सर्वर बनाम क्लाइंट (Server vs Client)
| विशेषता | सर्वर (Server) | क्लाइंट (Client) |
| मुख्य भूमिका | संसाधन और सेवाएँ प्रदान करना (Provider)। | सेवाओं के लिए अनुरोध करना (Requestor)। |
| क्षमता | बहुत अधिक स्टोरेज और तेज प्रोसेसर। | सामान्य उद्देश्य वाली प्रोसेसिंग पावर। |
| स्वतंत्रता | यह नेटवर्क का नियंत्रण केंद्र है। | यह अपनी सेवाओं के लिए सर्वर पर निर्भर है। |
| सॉफ्टवेयर | इसमें ‘नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम’ (NOS) होता है। | इसमें सामान्य ब्राउज़र या एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं। |
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3. नेटवर्क के लाभ और उपयोग (Advantages and Uses)
स्रोत संदर्भों के अनुसार, नेटवर्किंग के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- संसाधन साझा करना (Resource Sharing):
- हार्डवेयर: प्रिंटर, स्कैनर, और स्टोरेज डिवाइस को साझा करना।
- सॉफ्टवेयर: एक ही महंगे सॉफ्टवेयर को नेटवर्क के माध्यम से कई उपयोगकर्ता इस्तेमाल कर सकते हैं।
- संचार की बेहतर उपलब्धता (Improved Communication): ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मैसेजिंग के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से तुरंत संपर्क किया जा सकता है।
- लागत प्रभावशीलता (Cost Efficiency): चूंकि संसाधनों को साझा किया जाता है, इसलिए प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए अलग उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे भारी खर्च बचता है।
- विश्वसनीयता और रिडंडेंसी (Reliability & Redundancy):
- नेटवर्क में ‘डिस्ट्रीब्यूटेड प्रोसेसिंग’ (Distributed Processing) का उपयोग होता है। यदि एक नोड खराब हो जाए, तो फाइल की दूसरी कॉपी (Backup) सर्वर या दूसरे नोड से प्राप्त की जा सकती है।
- भंडारण क्षमता में वृद्धि (Increased Storage): व्यक्तिगत कंप्यूटर की सीमित क्षमता के बजाय, उपयोगकर्ता सर्वर की विशाल भंडारण क्षमता का लाभ उठा सकते हैं।
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4. कंप्यूटर नेटवर्क का विकास (Evolution of Networking)
कंप्यूटर नेटवर्क का विकास अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह कई दशकों के अनुसंधान का परिणाम है:
- ARPANET (1969): इसका पूरा नाम ‘एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क’ (Advanced Research Projects Agency Network) है। इसे अमेरिकी रक्षा विभाग (US DoD) ने विकसित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय भी संचार को सुरक्षित रखना था। यह पैकेट स्विचिंग (Packet Switching) का उपयोग करने वाला पहला नेटवर्क था।
- NSFNET (1985): ‘नेशनल साइंस फाउंडेशन नेटवर्क’ (National Science Foundation Network) का निर्माण शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यों के लिए किया गया था। यह ARPANET से कहीं अधिक शक्तिशाली था और इसने अकादमिक संस्थानों को आपस में जोड़ा।
- Internet (1990): जब ARPANET, NSFNET और अन्य निजी नेटवर्क (Private Networks) को आपस में जोड़ा गया, तो एक वैश्विक नेटवर्क अस्तित्व में आया जिसे हम ‘इंटरनेट’ कहते हैं।
Exam Formula: ARPANET + NSFNET + Private Networks = Internet
याद रखने की ट्रिक (Mnemonic):
- ARPA (अल्पा) – ‘Agency’ (एजेंसी) याद रखें।
- NSF (एनएसएफ) – ‘Foundation’ (फाउंडेशन) याद रखें।
- दोनों मिलकर Internet की नींव बने।
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5. डेटा संचार की शब्दावली (Data Communication Terminology)
- बैंडविड्थ (Bandwidth): एक निश्चित समय में किसी संचार माध्यम से प्रवाहित होने वाले डेटा की अधिकतम मात्रा। इसकी इकाइयाँ bps (bits per second), kbps (kilobits per second), Mbps (megabits per second), और Gbps (gigabits per second) हैं।
- डेटा ट्रांसफर रेट (DTR): वह वास्तविक गति जिस पर डेटा एक नोड से दूसरे नोड तक पहुँचता है।
- गणना: 1 Mbps = 1024 Kbps, 1 Gbps = 1024 Mbps.
- स्विचिंग तकनीक (Switching Techniques):
- सर्किट स्विचिंग (Circuit Switching): इसमें डेटा ट्रांसफर से पहले सेंडर और रिसीवर के बीच एक समर्पित भौतिक मार्ग (Dedicated physical path) स्थापित किया जाता है। उदाहरण: पुरानी टेलीफोन लाइनें।
- पैकेट स्विचिंग (Packet Switching): इसमें डेटा को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है जिन्हें ‘पैकेट्स’ (Packets) कहते हैं। प्रत्येक पैकेट स्वतंत्र रूप से अलग-अलग रास्तों (Different routes) से होकर गंतव्य तक पहुँच सकता है, जहाँ उन्हें फिर से जोड़ दिया जाता है। उदाहरण: आधुनिक इंटरनेट।
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6. ट्रांसमिशन मीडिया: तार वाले माध्यम (Guided Media)
जब डेटा किसी भौतिक तार (Wire/Cable) के माध्यम से भेजा जाता है, तो उसे ‘गाइडेड मीडिया’ कहते हैं।
- इथरनेट/ट्विस्टेड पेयर केबल (Twisted Pair Cable): इसमें दो तांबे के तारों को आपस में लपेटा जाता है ताकि शोर (Interference) कम हो सके। यह ‘RJ45’ कनेक्टर का उपयोग करता है।
- को-एक्सियल केबल (Co-axial Cable): इसमें एक केंद्रीय तांबे का तार होता है जिसके ऊपर इंसुलेशन और एक जालीदार धातु की परत होती है। यह टीवी केबल (Cable TV) और ब्रॉडबैंड के लिए आदर्श है। इसमें ‘BNC’ कनेक्टर का प्रयोग होता है।
- ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber): यह कांच या प्लास्टिक के पतले धागों से बना होता है और डेटा को प्रकाश (Light signals) के रूप में भेजता है। यह ‘पूर्ण आंतरिक परावर्तन’ (Total Internal Reflection) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसकी संरचना के तीन भाग हैं:
- कोर (Core): सबसे भीतरी भाग जहाँ से प्रकाश गुजरता है।
- क्लैडिंग (Cladding): कोर के ऊपर की परत जो प्रकाश को वापस कोर के अंदर परावर्तित करती है।
- प्रोटेक्टिव कोटिंग (Protective Coating): बाहरी परत जो केबल को नमी और नुकसान से बचाती है।
तालिका: गाइडेड मीडिया की तुलना (Comparison of Cables)
| माध्यम | डेटा गति (Speed) | लागत (Cost) | अधिकतम दूरी | मुख्य उपयोग |
| Twisted Pair | 10 Mbps – 1 Gbps | बहुत कम | 100 मीटर | स्थानीय नेटवर्क (LAN) |
| Co-axial | मध्यम (20 Mbps) | मध्यम | मध्यम | टीवी और इंटरनेट केबल |
| Optical Fiber | बहुत उच्च (Gbps) | बहुत अधिक | बहुत लंबी | इंटरनेट बैकबोन |
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7. ट्रांसमिशन मीडिया: वायरलेस माध्यम (Unguided Media)
जब डेटा हवा, पानी या निर्वात (Vacuum) के माध्यम से तरंगों के रूप में यात्रा करता है।
- ब्लूटूथ (Bluetooth): बहुत कम दूरी (10-30 मीटर) के लिए। PAN (Personal Area Network) बनाने में सहायक।
- इन्फ्रारेड (Infrared): बहुत कम दूरी, केवल सीधी रेखा में (Line of Sight)। यह दीवारों को पार नहीं कर सकता। उदाहरण: टीवी रिमोट।
- माइक्रोवेव (Microwave): यह उच्च आवृत्ति वाली रेडियो तरंगें हैं। इसमें डिश एंटीना का उपयोग होता है और यह सीधी रेखा में संचार करता है।
- रेडियो लिंक (Radio Link): ये तरंगें सभी दिशाओं (Omnidirectional) में फैलती हैं और दीवारों को आसानी से पार कर सकती हैं।
- सैटेलाइट (Satellite): पृथ्वी से लगभग 22,300 मील ऊपर स्थित। यह पूरी दुनिया को कवर करने के लिए उपयोग किया जाता है।
सावधान! सामान्य गलती (Microwave vs Radio Link): छात्र अक्सर इनमें भ्रमित होते हैं। याद रखें, Microwave ‘Line of Sight’ (सीधी रेखा) संचार है, यानी एंटीना एक-दूसरे के सामने होने चाहिए। जबकि Radio Link तरंगें चारों दिशाओं में फैलती हैं और रास्ते में आने वाली बाधाओं (जैसे पहाड़ या दीवार) को पार कर सकती हैं।
तालिका: वायरलेस मीडिया तुलना
| तकनीक | रेंज (Range) | दीवार पार करना? | मुख्य उपयोग |
| Bluetooth | 10 मीटर | हाँ | फाइल ट्रांसफर, हेडसेट |
| Infrared | 5 मीटर | नहीं | रिमोट कंट्रोल |
| Microwave | 100 किमी | नहीं | सैटेलाइट लिंक, टावर-टू-टावर |
| Radio Link | बहुत अधिक | हाँ | रेडियो, मोबाइल नेटवर्क |
| Satellite | वैश्विक | हाँ | लाइव प्रसारण, GPS |
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8. नेटवर्किंग डिवाइसेस (Networking Devices)
- मोडेम (Modem): इसका अर्थ है ‘Modulator-Demodulator’। यह डिजिटल सिग्नल को एनालॉग (Modulation) में बदलता है ताकि वह टेलीफोन लाइन पर चल सके, और रिसीवर के छोर पर एनालॉग को वापस डिजिटल (Demodulation) में बदलता है।
- हब (Hub): इसे “डम्ब” (Dumb) डिवाइस कहते हैं क्योंकि यह आने वाले डेटा को सभी पोर्ट्स पर ब्रॉडकास्ट (Broadcast) कर देता है।
- Active Hub: सिग्नल को एम्पलीफाई (Amplify) भी करता है।
- Passive Hub: केवल कनेक्शन प्रदान करता है, सिग्नल को नहीं सुधारता।
- स्विच (Switch): इसे “इंटेलिजेंट हब” (Intelligent Hub) कहते हैं। यह डेटा पैकेट में लिखे MAC एड्रेस को पढ़ता है और डेटा को केवल उसी पोर्ट पर भेजता है जहाँ उसकी जरूरत है। इससे नेटवर्क ट्रैफिक कम होता है।
- रिपीटर (Repeater): जब सिग्नल लंबी दूरी तय करता है, तो वह कमजोर (Attenuation) हो जाता है। रिपीटर उस कमजोर सिग्नल को प्राप्त कर उसे पुनर्जीवित (Regenerate) करता है।
- Amplifier Repeater: सिग्नल और शोर (Noise) दोनों को बढ़ा देता है।
- Signal Repeater: शोर को हटाकर केवल शुद्ध सिग्नल को फिर से बनाता है।
- राउटर (Router): यह अलग-अलग नेटवर्कों के बीच डेटा पैकेट को रूट करता है। यह ‘राउटिंग टेबल’ का उपयोग करके सबसे छोटा और कुशल मार्ग (Shortest Path) खोजता है।
- गेटवे (Gateway): यह एक ‘प्रोटोकॉल कन्वर्टर’ की तरह है। यह उन दो नेटवर्कों को जोड़ता है जो बिल्कुल भिन्न नियमों (Dissimilar Protocols) पर काम कर रहे हैं।
- NIC (Network Interface Card): यह कंप्यूटर के अंदर लगा एक हार्डवेयर कार्ड है जो भौतिक रूप से नेटवर्क केबल को जोड़ने के लिए पोर्ट प्रदान करता है।
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9. नेटवर्क टोपोलॉजी (Network Topologies)
टोपोलॉजी का अर्थ है कंप्यूटरों के जुड़ने का भौगोलिक ढांचा या ज्यामितीय व्यवस्था।
- बस टोपोलॉजी (Bus Topology): इसमें एक मुख्य तार (Backbone Cable) होता है जिसके दोनों सिरों पर ‘टर्मिनेटर’ (Terminator) लगे होते हैं।
- फायदा: कम केबल की आवश्यकता।
- नुकसान: मुख्य केबल खराब होने पर पूरा नेटवर्क बंद।
- स्टार टोपोलॉजी (Star Topology): सभी नोड एक केंद्रीय हब या स्विच से जुड़े होते हैं।
- फायदा: यदि एक कंप्यूटर खराब हो, तो बाकी नेटवर्क चलता रहता है।
- नुकसान: केंद्रीय हब खराब होने पर पूरा नेटवर्क ठप।
- रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology): प्रत्येक कंप्यूटर अपने दो पड़ोसियों से जुड़ा होता है, जिससे एक बंद घेरा बनता है।
- ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology): यह बस और स्टार का मिश्रण है। इसमें एक पदानुक्रमित (Hierarchy) संरचना होती है।
- मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology): प्रत्येक नोड सीधे तौर पर हर दूसरे नोड से जुड़ा होता है। यह अत्यधिक विश्वसनीय और सुरक्षित है।
तुलनात्मक तालिका: टोपोलॉजी की विशेषताएं
| टोपोलॉजी | केबल की लंबाई | लागत | विश्वसनीयता |
| Bus | सबसे कम | बहुत कम | कम |
| Star | अधिक | मध्यम | उच्च |
| Tree | बहुत अधिक | उच्च | मध्यम |
| Mesh | अधिकतम | बहुत उच्च | सबसे अधिक |
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10. डिवाइस की पहचान: MAC और IP एड्रेस
किसी भी नेटवर्क पर डिवाइस को पहचानने के लिए दो पतों की आवश्यकता होती है:
- MAC एड्रेस (Media Access Control Address): यह 48-बिट का भौतिक एड्रेस (Physical Address) है। यह NIC के निर्माण के समय ही उस पर हार्ड-कोडेड (Permanent) कर दिया जाता है। इसे बदला नहीं जा सकता। उदाहरण:
05:C2:04:59:2F:BC - IP एड्रेस (Internet Protocol Address): यह एक लॉजिकल एड्रेस (Logical Address) है जो सॉफ्टवेयर द्वारा असाइन किया जाता है। यह बदल सकता है।
- IPv4: 32-बिट (जैसे: 192.168.1.1)। इसकी सीमा 4 बिलियन एड्रेस है।
- IPv6: 128-बिट। यह भविष्य के लिए बनाया गया है ताकि असीमित डिवाइस जुड़ सकें।
मेमोरी ट्रिक (Memory Trick): “छोटा भाई IPv4 = 32 (कम उम्र), बड़ा भाई IPv6 = 128 (लंबी उम्र)”। MAC हमेशा 48 होता है (जैसे आधा शतक के करीब)।
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11. नेटवर्क प्रोटोकॉल (Network Protocols)
प्रोटोकॉल का अर्थ है नियमों का वह समूह जो नेटवर्क पर डेटा संचार को नियंत्रित करता है।
- HTTP/HTTPS: वेब पेजों को ब्राउज़ करने के लिए। (S = Secure)।
- TCP/IP: इंटरनेट की रीढ़। TCP डेटा को पैकेट्स में तोड़ता है और IP उन्हें सही पते पर पहुँचाता है।
- FTP: फाइलों को अपलोड या डाउनलोड करने के लिए।
- SMTP vs POP3 (Exam Favorite):
- SMTP (Simple Mail Transfer Protocol): ईमेल भेजने (Sending) के लिए उपयोग होता है।
- POP3 (Post Office Protocol 3): ईमेल को सर्वर से प्राप्त करने (Receiving) के लिए उपयोग होता है।
- PPP: दो नोड्स के बीच सीधे कनेक्शन (जैसे डायल-अप) के लिए।
- VoIP: इंटरनेट पर वॉयस कॉल करने के लिए (जैसे व्हाट्सएप कॉल)।
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12. वेब सेवाएं और इंटरनेट (Web Services)
- WWW (World Wide Web): टिम बर्नर्स-ली द्वारा 1989 में विकसित। यह इंटरनेट पर मौजूद सूचनाओं का एक विशाल भंडार है।
- HTML & XML: HTML वेब पेज बनाने के लिए और XML डेटा को व्यवस्थित (Structure) करने के लिए।
- URL (Uniform Resource Locator): वेबसाइट का पूरा पता।
- उदाहरण:
https://www.teachoo.com/index.html(यहाँ https प्रोटोकॉल है, teachoo.com डोमेन नाम है)।
- उदाहरण:
डोमेन नेम रेजोल्यूशन (Domain Name Resolution) की प्रक्रिया (Step-by-Step):
- उपयोगकर्ता ब्राउज़र में डोमेन नाम (जैसे google.com) टाइप करता है।
- ब्राउज़र ऑपरेटिंग सिस्टम से इसका IP एड्रेस मांगता है।
- यदि वह OS में नहीं मिलता, तो अनुरोध DNS (Domain Name System) सर्वर के पास जाता है।
- DNS सर्वर अपनी डायरेक्टरी में खोजकर उस नाम का संबंधित IP एड्रेस (जैसे 142.250.190.46) वापस भेजता है।
- ब्राउज़र अब उस IP एड्रेस का उपयोग करके सीधे वेब सर्वर से संपर्क करता है।
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13. नेटवर्क सुरक्षा (Network Security)
नेटवर्क पर मौजूद डेटा को खतरों से बचाना अनिवार्य है।
प्रमुख खतरे:
- DoS (Denial of Service) Attack: सर्वर पर इतने अधिक फर्जी अनुरोध भेजना कि वह असली उपयोगकर्ताओं के लिए काम करना बंद कर दे।
- Snooping: बिना अनुमति के दूसरों की फाइलों या संचार को देखना।
- Eavesdropping: संचार को गुप्त रूप से सुनना (जैसे पासवर्ड चोरी करना)।
सुरक्षा उपाय:
- Firewall: यह सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर हो सकता है जो ‘पैकेट फिल्टरिंग’ के जरिए अनाधिकृत एक्सेस को रोकता है।
- Cookies: ये छोटी टेक्स्ट फाइलें हैं जो उपयोगकर्ता की पसंद और लॉगिन जानकारी को सुरक्षित रखती हैं, लेकिन इन्हें सावधानी से मैनेज करना चाहिए।
- Hacker vs Cracker (Difference):
- Hacker (हैकर): ये वे विशेषज्ञ हैं जो सिस्टम की कमियों को खोजने और उन्हें सुधारने (Improving) के लिए घुसते हैं (इन्हें अक्सर ‘White Hat’ कहते हैं)।
- Cracker (क्रैकर): इनका उद्देश्य नुकसान पहुँचाना, डेटा चोरी करना या अवैध लाभ प्राप्त करना होता है (इन्हें ‘Black Hat’ कहते हैं)।
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14. पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs – Last 10 Years)
1 Mark Questions:
- ARPANET का विस्तारित रूप (Full Form) लिखिए।
- IPv4 एड्रेस का आकार कितने बिट्स का होता है?
- BNC कनेक्टर का उपयोग किस केबल में होता है?
- किस प्रोटोकॉल का उपयोग ईमेल भेजने के लिए किया जाता है?
- वेबसाइट के नाम को IP एड्रेस में बदलने वाली सेवा का नाम क्या है?
2 Marks Questions:
- हब (Hub) और स्विच (Switch) के बीच किन्हीं दो मुख्य अंतरों को स्पष्ट करें।
- गाइडेड (Guided) और अनगाइडेड (Unguided) मीडिया में उदाहरण सहित अंतर बताइए।
- MAC एड्रेस और IP एड्रेस के बीच अंतर स्पष्ट करें।
- मोडेम (Modem) की कार्यप्रणाली ‘Modulation’ और ‘Demodulation’ को समझाएं।
- स्टार टोपोलॉजी के दो फायदे और दो नुकसान लिखिए।
3/4 Marks (Case Study Based):
- प्रश्न 1: एक कंपनी की चार शाखाएं (Admin, Sales, IT, HR) एक ही शहर में 2 किमी की दूरी पर हैं। उन्हें जोड़ने के लिए सबसे उपयुक्त नेटवर्क का प्रकार और केबल बताएं।
- प्रश्न 2: एक स्कूल अपनी लाइब्रेरी के 10 कंप्यूटरों को जोड़ना चाहता है। कौन सी टोपोलॉजी सबसे कम केबल खर्च में बनेगी और कौन सी सबसे विश्वसनीय होगी?
- प्रश्न 3: ‘Gateway’ और ‘Router’ का उपयोग कब और कहाँ करना चाहिए, उदाहरण देकर समझाएं।
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15. आगामी परीक्षा के लिए संभावित प्रश्न (Most Expected Questions)
- ऑप्टिकल फाइबर के काम करने के सिद्धांत (TIR) को समझाते हुए इसकी संरचना का चित्र बनाएं।
- SMTP और POP3 के बीच बोल्ड अंतर स्पष्ट करें।
- IPv6 की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसकी मुख्य विशेषता क्या है?
- Firewall किस प्रकार एक निजी नेटवर्क की रक्षा करता है?
- पैकेट स्विचिंग, सर्किट स्विचिंग से बेहतर क्यों मानी जाती है?
- नेटवर्क टोपोलॉजी के चयन के लिए किन तीन कारकों को ध्यान में रखना चाहिए?
- Bus टोपोलॉजी में ‘Terminator’ का क्या कार्य है?
- ‘Cookies’ सुरक्षा के लिए खतरा कैसे बन सकती हैं?
- Tree टोपोलॉजी को ‘Hybrid टोपोलॉजी’ क्यों कहा जाता है?
- VoIP तकनीक पारंपरिक फोन कॉल से कैसे सस्ती है?
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16. त्वरित पुनरीक्षण शीट (Quick Revision Sheet)
- PAN: 10-30 मीटर (Bluetooth)।
- LAN: 1-5 किलोमीटर (School/Office)।
- MAN: 5-50 किलोमीटर (City/Cable TV)।
- WAN: 1000+ किलोमीटर (Country/Internet)।
- ARPANET: 1969, पहला नेटवर्क।
- MAC Address: 48-bit, Permanent.
- IPv4: 32-bit (Logical).
- IPv6: 128-bit (Logical).
- Switch: Intelligent, MAC-based.
- Router: Best route, IP-based.
- Gateway: Dissimilar protocols.
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17. अभ्यास MCQs (Explanation के साथ)
- इनमें से कौन सा सबसे सुरक्षित और तेज संचार माध्यम है? (A) Twisted Pair (B) Coaxial (C) Optical Fiber उत्तर: (C). कारण: यह प्रकाश तरंगों का उपयोग करता है और शोर (Noise) से अप्रभावित रहता है।
- ईमेल प्राप्त (Download) करने के लिए कौन सा प्रोटोकॉल आवश्यक है? (A) SMTP (B) HTTP (C) POP3 उत्तर: (C). कारण: POP3 सर्वर से ईमेल रिसीव करने के लिए बना है।
- किस टोपोलॉजी में एक ‘Backbone’ केबल का उपयोग होता है? (A) Star (B) Bus (C) Ring उत्तर: (B). कारण: बस टोपोलॉजी एक ही मुख्य तार पर आधारित होती है।
- MAC एड्रेस कहाँ स्टोर होता है? (A) RAM (B) Hard Disk (C) NIC उत्तर: (C). कारण: यह नेटवर्क इंटरफेस कार्ड पर परमानेंट लिखा होता है।
- इंटरनेट पर वॉयस डेटा भेजने के लिए क्या उपयोग होता है? (A) FTP (B) VoIP (C) Telnet उत्तर: (B). कारण: Voice over IP विशेष रूप से ऑडियो संचार के लिए है।
- IPv6 का साइज क्या है? (A) 32 bits (B) 64 bits (C) 128 bits उत्तर: (C).
- नेटवर्क में कमजोर सिग्नल को फिर से शक्तिशाली बनाने वाला डिवाइस? (A) Hub (B) Repeater (C) Switch उत्तर: (B). कारण: यह सिग्नल को एम्पलीफाई या रीजेनरेट करता है।
- एक ही बिल्डिंग के नेटवर्क को क्या कहेंगे? (A) WAN (B) MAN (C) LAN उत्तर: (C).
- URL का पूरा नाम क्या है? (A) Uniform Resource Locator (B) Unique Resource Line (C) United Radio Link उत्तर: (A).
- इनमें से कौन सा ‘Intelligent’ डिवाइस है? (A) Passive Hub (B) Switch (C) Bridge उत्तर: (B). कारण: यह MAC एड्रेस के आधार पर निर्णय लेता है।
- वेब पेजों के सुरक्षित ट्रांसफर के लिए प्रोटोकॉल? (A) HTTP (B) HTTPS (C) FTP उत्तर: (B). कारण: ‘S’ का अर्थ Secure है।
- एक शहर के केबल टीवी नेटवर्क का उदाहरण? (A) LAN (B) MAN (C) PAN उत्तर: (B).
- RJ45 कनेक्टर किस केबल में लगता है? (A) Optical Fiber (B) Coaxial (C) Ethernet/Twisted Pair उत्तर: (C).
- मेश टोपोलॉजी में 5 कंप्यूटरों को जोड़ने के लिए कितने तारों की जरूरत होगी? (A) 5 (B) 10 (C) 15 उत्तर: (B). [सूत्र: n(n-1)/2 = 5(4)/2 = 10]
- Hacker का मुख्य उद्देश्य क्या होता है? (A) डेटा चोरी (B) सिस्टम की सुरक्षा जांचना (C) वायरस फैलाना उत्तर: (B). कारण: हैकर्स कमियों को सुधारने के लिए काम करते हैं (Ethical hacking)।
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18. निष्कर्ष और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
शिक्षक का संदेश: छात्रों, कंप्यूटर नेटवर्क रटने का विषय नहीं है, बल्कि समझने का है। यदि आप डिवाइसेस के ‘काम’ (Work) और प्रोटोकॉल के ‘नियम’ (Rules) समझ लें, तो आप किसी भी केस स्टडी को हल कर सकते हैं।
FAQs:
- Q: क्या हम Hub की जगह Switch इस्तेमाल कर सकते हैं? A: बिल्कुल! स्विच एक बेहतर विकल्प है क्योंकि यह केवल इच्छित रिसीवर को डेटा भेजता है, जिससे कोलिजन (Collision) नहीं होता और नेटवर्क की गति बढ़ जाती है।
- Q: क्या IPv4 और IPv6 आपस में बात कर सकते हैं? A: सीधे तौर पर नहीं, इसके लिए ‘Dual Stack’ या ‘Tunneling’ जैसी विशेष तकनीकों की आवश्यकता होती है।
- Q: स्कूल लैब के लिए सबसे अच्छी टोपोलॉजी कौन सी है? A: स्टार टोपोलॉजी (Star Topology) सबसे अच्छी है क्योंकि इसका रखरखाव आसान है और एक कंप्यूटर खराब होने पर बाकी चलते रहते हैं।
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आशा है कि यह नोट्स आपकी परीक्षा की तैयारी में मील का पत्थर साबित होंगे। ऑल द बेस्ट!
