CBSE Class 12 English Board Exam: 15-20 दिनों में ‘स्मार्ट तैयारी’ से 100 में 100 अंक हासिल करने का अचूक फॉर्मूला

Focused teenager studying with open textbooks, eyeglasses, and notes.

प्रस्तावना: परीक्षा का दबाव और आखिरी दिनों की घबराहट

कैलेंडर की बदलती तारीखें और बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही किसी भी छात्र के माथे पर चिंता की लकीरें आना स्वाभाविक है। विशेष रूप से कक्षा 12 के छात्रों के लिए, यह समय उनके शैक्षणिक जीवन का सबसे निर्णायक मोड़ होता है। 17 फरवरी 2026 से सीबीएसई की मुख्य परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और 12 मार्च 2026 को अंग्रेजी (English) का वह महत्वपूर्ण पेपर है, जो न केवल आपकी मार्कशीट के कुल प्रतिशत को ऊंचाइयों पर ले जा सकता है, बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी एक नई दिशा दे सकता है।

वर्तमान में, अधिकांश छात्र एक गंभीर मनोवैज्ञानिक दबाव से गुजर रहे हैं। एक तरफ भौतिकी, रसायन विज्ञान या गणित जैसे भारी-भरकम विषयों का बोझ है, तो दूसरी तरफ अंग्रेजी जैसे विषय की अनदेखी करने का डर। छात्र अक्सर मुझसे पूछते हैं, “सर, क्या वास्तव में 15-20 दिनों के सीमित समय में अंग्रेजी में 100/100 का परफेक्ट स्कोर लाना मुमकिन है?”

एक वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार और सीबीएसई विशेषज्ञ के रूप में, मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं—हाँ, यह न केवल मुमकिन है, बल्कि यदि सही रणनीति अपनाई जाए, तो यह अत्यंत सरल भी है। लेकिन यहाँ एक चेतावनी है: अब ‘कठोर परिश्रम’ (Hard Work) का समय समाप्त हो चुका है; अब समय है ‘स्मार्ट तैयारी’ (Smart Prep) का। इस मास्टरक्लास लेख में, हम केवल यह नहीं जानेंगे कि क्या पढ़ना है, बल्कि यह भी सीखेंगे कि कैसे पढ़ना है, कैसे लिखना है और कैसे परीक्षक (Examiner) के मस्तिष्क को प्रभावित करना है।

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रणनीतिक बदलाव: नए विषयों को छोड़ें और रिवीजन पर ध्यान दें

अंतिम दिनों में छात्रों द्वारा की जाने वाली सबसे घातक गलती है—किसी बिल्कुल नए चैप्टर या जटिल टॉपिक को शून्य से शुरू करना। मनोविज्ञान के अनुसार, परीक्षा से ऐन पहले नई जानकारी ग्रहण करने की प्रक्रिया ‘संज्ञानात्मक अधिभार’ (Cognitive Overload) पैदा करती है, जिससे जो आपको पहले से याद है, वह भी धुंधला होने लगता है।

स्मार्ट प्लानिंग का दर्शन अब समय ‘अधिग्रहण’ (Acquisition) का नहीं, बल्कि ‘सुदृढ़ीकरण’ (Consolidation) का है। सोर्स कॉन्टेक्स्ट स्पष्ट निर्देश देता है कि अब लंबे नोट्स बनाने का समय बीत चुका है। यदि आप अभी नए चैप्टर्स में उलझेंगे, तो आप उन क्षेत्रों पर अभ्यास करने का समय खो देंगे जहाँ आप पहले से ही मजबूत हैं।

क्रिकेट की एक प्रभावी एनालॉजी (Metaphor): इसे एक टी-20 मैच के अंतिम ओवरों की तरह देखें। एक मंझा हुआ बल्लेबाज आखिरी के 3 ओवरों में अपनी बैटिंग तकनीक सुधारने की कोशिश नहीं करता। वह अपनी ताकत (Strengths) पर खेलता है, खाली गेंदों (Dots) से बचता है और स्ट्राइक रोटेट करता रहता है। आपकी ‘ताकत’ वे चैप्टर्स हैं जो आप पढ़ चुके हैं। ‘स्ट्राइक रोटेट करना’ आपका निरंतर रिवीजन है, और ‘बाउंड्री मारना’ आपका सैंपल पेपर सॉल्व करना है। यदि आप अपनी मजबूत गेंदों को भी सही से नहीं खेल पाएंगे, तो नया शॉट सीखने का कोई लाभ नहीं होगा।

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रीडिंग सेक्शन (Reading Section): की-वर्ड्स और समझ का खेल

रीडिंग सेक्शन (Section A) आपके प्रश्नपत्र का वह हिस्सा है जहाँ 100% अंक प्राप्त करना सबसे आसान है, बशर्ते आप इसे ‘खोज अभियान’ (Search Mission) की तरह लें। छात्र अक्सर पूरा पैसेज उपन्यास की तरह पढ़ते हैं और फिर प्रश्नों पर आते हैं, जिससे समय की भारी बर्बादी होती है।

की-वर्ड्स तकनीक: एक प्रैक्टिकल गाइड पैसेज को हल करते समय अपनी कलम को सक्रिय रखें। जब आप पढ़ रहे हों, तो विशेष संज्ञा (Proper Nouns), तारीखें, प्रतिशत, वैज्ञानिक शब्द या लेखक द्वारा दिए गए किसी विशेष तर्क को तुरंत अंडरलाइन करें।

उदाहरण के लिए: यदि पैसेज ‘जलवायु परिवर्तन’ पर है और उसमें एक वाक्य है— “The Kyoto Protocol, signed in 1997, aimed to reduce greenhouse gases by 5.2%.” यहाँ आपको ‘Kyoto Protocol’, ‘1997’, और ‘5.2%’ को अंडरलाइन करना चाहिए। जब आप प्रश्न पढ़ेंगे, “When was the Kyoto Protocol signed?”, तो आपका दिमाग तुरंत उस अंडरलाइन किए हुए हिस्से पर जाएगा।

सवालों को गहराई से समझना सीबीएसई अब सीधे प्रश्न पूछने के बजाय ‘Inference-based’ (निष्कर्ष आधारित) प्रश्न पूछती है। आपसे पूछा जा सकता है कि “लेखक का स्वर (Tone) इस पैराग्राफ में कैसा है?” (आशावादी, व्यंग्यात्मक या आलोचनात्मक)। इसके लिए शब्दों के पीछे छिपे भाव को समझना जरूरी है।

💡 प्रो-टिप (रीडिंग सेक्शन): पैसेज पढ़ने से पहले एक बार प्रश्नों पर सरसरी निगाह (Skimming) डाल लें। इससे जब आप पैसेज पढ़ेंगे, तो आपका मस्तिष्क एक ‘फिल्टर’ की तरह काम करेगा और जैसे ही प्रश्न से संबंधित जानकारी आएगी, वह उसे तुरंत पकड़ लेगा। यह तकनीक आपके कम से कम 10-15 मिनट बचा सकती है।

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राइटिंग सेक्शन (Writing Section): कम शब्दों में ज्यादा अंक

राइटिंग सेक्शन (Section B) सृजनात्मकता और अनुशासन का संगम है। यहाँ सबसे बड़ी चुनौती है— ‘वर्ड लिमिट’ (Word Limit)। छात्र सोचते हैं कि अधिक लिखने से अधिक अंक मिलेंगे, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। सीबीएसई की मार्किंग स्कीम में ‘Expression’ और ‘Cohesion’ के अंक होते हैं। यदि आप 50 शब्दों के नोटिस को 100 शब्दों में लिखेंगे, तो आप ‘Fluency’ के अंक खो देंगे।

सीधे पॉइंट पर प्रहार (Direct Approach) एग्जामिनर को एक दिन में 30-40 कॉपियां जांचनी होती हैं। यदि आपका जवाब सीधा, स्पष्ट और सटीक है, तो आप उनके काम को आसान बना रहे हैं।

  • Notice Writing: बॉक्स बनाना न भूलें। हेडिंग ‘NOTICE’ बीच में और कैपिटल लेटर्स में होनी चाहिए।
  • Letter to the Editor: समस्या का वर्णन करने के साथ-साथ एक व्यवहार्य समाधान का सुझाव भी दें। इससे आपकी सोच की गहराई का पता चलता है।
  • Article/Report: एक आकर्षक शीर्षक (Title) दें और कम से कम तीन अनुच्छेदों (Paragraphs) में अपनी बात पूरी करें—परिचय, मुख्य विषयवस्तु, और निष्कर्ष।

एग्जामिनर पर प्रभाव तब पड़ता है जब आपका फॉर्मैट (Format) एकदम सही हो। फॉर्मैट गलत होने का मतलब है कि आपने शुरुआत ही निगेटिव मार्किंग के साथ की है।

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ग्रामर की बारीकियां: छोटी गलतियां जो महंगी पड़ती हैं

ग्रामर वह क्षेत्र है जहाँ या तो पूरे अंक मिलते हैं या कुछ भी नहीं। यहाँ कोई ‘मिडल ग्राउंड’ नहीं है। टेंस, आर्टिकल, प्रीपोजिशन और सब्जेक्ट-वर्ब एग्रीमेंट वे चार स्तंभ हैं जिन पर आपकी भाषा की शुद्धता टिकी है।

नीचे दी गई विस्तारित तालिका में उन सामान्य गलतियों और सुधारों को देखें जिन्हें टॉपर्स भी अक्सर अनदेखा कर देते हैं:

Common Grammar ErrorsCorrect Usage / Expert Tip
Tense Inconsistency: वाक्य की शुरुआत पास्ट टेंस में करना और अंत प्रेजेंट में।यदि आप कोई कहानी सुना रहे हैं, तो पूरे उत्तर में पास्ट टेंस ही रखें। (e.g., He said he was busy, NOT He said he is busy).
Subject-Verb Agreement: “The quality of these apples are good.”क्रिया हमेशा मुख्य कर्ता के अनुसार होनी चाहिए। सही: “The quality of these apples is good.” (Quality एकवचन है)।
Article Confusion: ‘A’ vs ‘An’ (ध्वनि पर आधारित)।‘An’ का प्रयोग ‘Vowel Sound’ के साथ करें, न कि केवल ‘Vowel Letter’ के साथ। (e.g., An hour, An honest man, A university).
Preposition Misuse: “I am good in English.”सही प्रयोग: “I am good at English.” कुछ शब्दों के साथ विशिष्ट प्रीपोजिशन जुड़ते हैं, उनका अभ्यास करें।
Double Negatives: “I don’t know nothing.”दो नकारात्मक शब्दों का साथ प्रयोग न करें। सही: “I don’t know anything” या “I know nothing.”
Formal vs Informal Tone: फॉर्मल लेटर में ‘I’m’, ‘Don’t’ का प्रयोग।फॉर्मल राइटिंग में हमेशा पूर्ण रूप लिखें (e.g., I am, Do not). संकुचन (Contractions) से बचें।

ग्रामर में निपुणता के लिए दैनिक 30 मिनट का अभ्यास अनिवार्य है। पिछले 5 वर्षों के बोर्ड पेपर्स के ग्रामर सेक्शन को हल करना आपकी सबसे बड़ी जीत होगी।

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लिटरेचर (Literature): रटने के बजाय थीम और मैसेज पर फोकस

सीबीएसई के वर्तमान पैटर्न को देखें तो एक बात साफ है—अब ‘रट्टू तोता’ बनने का जमाना गया। अब ‘वैल्यू-बेस्ड’ (Value-based) और ‘एनालिटिकल’ सवालों का बोलबाला है। परीक्षक यह देखना चाहता है कि क्या आपने कहानी के पीछे के दर्शन को समझा है।

थीम और मैसेज का विश्लेषण प्रत्येक अध्याय की एक ‘आत्मा’ होती है। उदाहरण के लिए, ‘The Last Lesson’ केवल एक स्कूल के बारे में नहीं है, बल्कि यह ‘भाषाई गुलामी’ और ‘अति-राष्ट्रवाद’ के खतरों के बारे में है। ‘My Mother at Sixty-six’ केवल बुढ़ापे के बारे में नहीं है, बल्कि यह ‘अलगाव के डर’ और ‘बचपन की असुरक्षाओं’ के बारे में है।

पात्रों का चित्रण (Character Analysis) मुख्य पात्रों (जैसे M. Hamel, Franz, Edla Willmansson) के व्यक्तित्व की विशेषताओं को नोट करें। उनके निर्णयों के पीछे की प्रेरणा क्या थी? जब आप उत्तर में पात्रों के मनोविज्ञान का उल्लेख करते हैं, तो आपका उत्तर एक औसत छात्र से कहीं ऊपर उठ जाता है।

उत्तर लेखन की कला: लिटरेचर के उत्तरों में ‘की-वर्ड्स’ और ‘टेक्स्टुअल कोट्स’ (Textual Quotes) का उपयोग करें। यदि आप कवि की पंक्तियों को उद्धृत (Quote) करते हैं, तो एग्जामिनर समझ जाता है कि आपने टेक्स्ट को गहराई से पढ़ा है।

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15-20 दिनों का मास्टर ‘स्मार्ट प्लान’

तैयारी को बिखराव से बचाने के लिए एक सुव्यवस्थित टाइमटेबल की आवश्यकता है। यह प्लान ‘रिवीजन-प्रैक्टिस-एनालिसिस’ के चक्र पर आधारित है।

दिनसमय स्लॉटफोकस एरियागतिविधि
दिन 1-2सुबह / शामलिटरेचर (फ्लेमिंगो – Prose)सभी अध्यायों की समरी पढ़ना और मुख्य थीम्स के चार्ट बनाना।
दिन 3-4सुबह / शामलिटरेचर (फ्लेमिंगो – Poetry)कविताओं की पोएटिक डिवाइसेस (Simile, Metaphor) और केंद्रीय भाव समझना।
दिन 5-6सुबह / शामलिटरेचर (विस्टास)लंबी कहानियों के पात्रों का विश्लेषण और वैल्यू-बेस्ड प्रश्नों की प्रैक्टिस।
दिन 7दोपहरराइटिंग स्किल्स (Part 1)नोटिस, फॉर्मल/इनफॉर्मल निमंत्रण के 5-5 फॉर्मैट्स खुद लिखकर देखना।
दिन 8दोपहरराइटिंग स्किल्स (Part 2)लेटर टू एडिटर और आर्टिकल राइटिंग। वर्ड लिमिट का कड़ाई से पालन करें।
दिन 9शामग्रामर ड्रिलटेंस और प्रीपोजिशन के 100 विविध वाक्यों का अभ्यास।
दिन 10-1210:30 AM – 1:30 PMफुल लेंथ मॉक टेस्टसीबीएसई का आधिकारिक सैंपल पेपर हल करें (ठीक बोर्ड परीक्षा के समय पर)।
दिन 13-14सुबह / शामत्रुटि सुधार (Error Correction)पिछले मॉक टेस्ट की गलतियों का विश्लेषण और उन्हें सुधारना।
दिन 15रिलैक्सेशनफाइनल टचकेवल फॉर्मैट्स और महत्वपूर्ण की-प्वॉइंट्स देखें।

यह टाइमटेबल लचीला है, लेकिन याद रखें—दोपहर 10:30 से 1:30 का समय केवल और केवल लिखने के लिए सुरक्षित रखें, क्योंकि आपका शरीर और मस्तिष्क इस समय सबसे अधिक सक्रिय होना चाहिए।

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सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट: आत्मविश्वास का असली स्रोत

ज्ञान और उसका क्रियान्वयन (Execution) दो अलग बातें हैं। आप बहुत पढ़ सकते हैं, लेकिन यदि आप 3 घंटे में उसे पेपर पर नहीं उतार सकते, तो वह ज्ञान व्यर्थ है। सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सैंपल पेपर्स (CBSE Sample Paper) आपके लिए ‘ब्लूप्रिंट’ की तरह हैं।

मॉक टेस्ट देने के मनोवैज्ञानिक लाभ:

  1. परीक्षा के डर का खात्मा: जब आप बार-बार उसी माहौल में बैठते हैं, तो बोर्ड परीक्षा वाले दिन ‘एग्जाम फोबिया’ नहीं होता।
  2. समय की पहचान: आपको पता चलता है कि कौन सा सेक्शन आपकी ‘अकिलीज़ हील’ (कमजोरी) है।
  3. उत्तरों की गुणवत्ता: पहली बार में कोई भी परफेक्ट नहीं लिखता। तीसरे सैंपल पेपर तक आते-आते आपके उत्तरों में परिपक्वता दिखने लगेगी।

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टाइम मैनेजमेंट: परीक्षा हॉल की रणनीति

परीक्षा हॉल में बिताए गए 180 मिनट आपके पूरे साल की मेहनत का परिणाम तय करते हैं। यहाँ एक व्यावहारिक समय विभाजन (Time Allocation) दिया गया है:

  • सेक्शन A (रीडिंग): 45-50 मिनट। (पैसेज बड़ा हो सकता है, इसलिए धैर्य न खोएं)।
  • सेक्शन B (राइटिंग व ग्रामर): 50-55 मिनट। (फॉर्मैट्स में समय लगता है, इसलिए सटीकता पर ध्यान दें)।
  • सेक्शन C (लिटरेचर): 60-65 मिनट। (यहाँ विस्तार से लिखने और विश्लेषण की आवश्यकता होती है)।
  • रिवीजन विंडो (अंतिम 10-15 मिनट): यह समय जीवनदायी है। इसमें आपको स्पेलिंग की गलतियां, रोल नंबर की जांच और सबसे महत्वपूर्ण—मुख्य बिंदुओं को अंडरलाइन करना है। कई बार हम ‘The’ या ‘A’ जैसी छोटी गलतियां कर देते हैं जो इस समय पकड़ी जा सकती हैं।

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आंसर शीट को कैसे सजाएं (Presentation Skills)

एक एग्जामिनर के पास आपकी कॉपी केवल एक ‘नंबर’ होती है। आपकी लिखावट और प्रस्तुति उसे बताती है कि यह कॉपी किसी ‘टॉपर’ की है या ‘औसत छात्र’ की।

पठनीयता (Readability) बढ़ाने के गुर:

  1. स्पेसिंग: दो उत्तरों के बीच कम से कम दो से तीन लाइनों का अंतर रखें।
  2. मार्जिन: अपनी आंसर शीट के दोनों ओर मार्जिन खींचें (दाहिनी ओर का मार्जिन रफ काम या गणना के लिए छोटा हो सकता है)।
  3. अंडरलाइनिंग: उत्तर के सबसे महत्वपूर्ण शब्दों या वाक्य को पेंसिल से अंडरलाइन करें। इससे एग्जामिनर को पूरा उत्तर पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती और वह सीधे अंक दे देता है।
  4. काट-छाँट: यदि कोई गलती हो जाए, तो उसे बस एक सीधी रेखा से काटें। उसे ‘पेंट’ न करें। साफ-सुथरी कॉपी सकारात्मक मानसिकता पैदा करती है।

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कमजोर कड़ियों की पहचान और सुधार

अपनी गलतियों के प्रति ईमानदार होना ही स्मार्ट तैयारी की पहली सीढ़ी है। यदि आपको लगता है कि आप ‘आयरनी’ (Irony) या ‘मेटाफर’ (Metaphor) को पहचानने में गलती करते हैं, तो उस पर विशेष ध्यान दें। मॉक टेस्ट देने के बाद, उसे खुद चेक न करें; यदि संभव हो तो किसी शिक्षक या किसी होनहार मित्र से चेक करवाएं। उनकी टिप्पणियां (Feedback) आपके लिए सोने की तरह कीमती होंगी।

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तनाव प्रबंधन: परीक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य

सोर्स कॉन्टेक्स्ट में दी गई सलाह को कभी न भूलें— “पल-पल स्ट्रेस न लें।” अत्यधिक तनाव आपके ‘Pre-frontal Cortex’ (मस्तिष्क का वह हिस्सा जो निर्णय लेता है) को सुन्न कर देता है।

  • नींद का महत्व: परीक्षा से पहले की रात 7-8 घंटे की नींद लेना किसी भी रिवीजन से ज्यादा जरूरी है। थका हुआ दिमाग जानकारी को ‘रिकॉल’ नहीं कर पाता।
  • छोटे ब्रेक (Pomodoro Technique): हर 50 मिनट की पढ़ाई के बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। इस दौरान फोन न चलाएं, बल्कि पानी पिएं या टहलें।
  • सकारात्मक आत्म-चर्चा: खुद से कहें, “मैंने तैयारी की है और मैं इसे बेहतर तरीके से करूंगा।”

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विशेषज्ञ की सलाह: वे गलतियां जो कभी न करें

टॉपर्स अक्सर इन 5 गड्ढों में गिर जाते हैं, जिनसे आपको बचना है:

  1. प्रश्न की अनदेखी: प्रश्न के अंत में “Not”, “Except”, या “Critically analyze” जैसे शब्दों को न पढ़ना।
  2. शब्द सीमा का उल्लंघन: 150 शब्दों के प्रश्न पर 300 शब्द लिखना। इससे अंत के प्रश्नों के लिए समय नहीं बचता।
  3. क्रम का अभाव: कभी सेक्शन C का एक सवाल करना, फिर A का। कोशिश करें कि एक सेक्शन को एक ही स्थान पर पूरा करें।
  4. घिसे-पिटे उत्तर: गाइड बुक्स से रटे-रटाए उत्तर लिखना। अपनी मौलिकता (Originality) बनाए रखें।
  5. सीबीएसई संसाधनों की अनदेखी: प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों पर अधिक भरोसा करना और सीबीएसई की मार्किंग स्कीम को न देखना।

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CBSE आधिकारिक संसाधनों का उपयोग

सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर उपलब्ध सामग्री आपके लिए अंतिम सत्य होनी चाहिए।

  • Marking Scheme: इसे डाउनलोड करें और देखें कि ‘Content’, ‘Expression’ और ‘Accuracy’ के लिए अलग-अलग अंक कैसे दिए जाते हैं।
  • Topper’s Answer Sheet: सीबीएसई पिछले सालों के टॉपर्स की कॉपियां अपलोड करती है। उन्हें देखें कि वे कैसे उत्तरों को फ्रेम करते हैं और कैसे हेडिंग्स का उपयोग करते हैं। यह आपकी तैयारी का सबसे शक्तिशाली हथियार होगा।

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निष्कर्ष: आपकी मेहनत और सही दिशा

कक्षा 12 की अंग्रेजी की परीक्षा आपके जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक शानदार शुरुआत है। ये 15-20 दिन आपके चरित्र, आपके अनुशासन और आपकी एकाग्रता की परीक्षा हैं। यदि आप इस लेख में बताए गए ‘स्मार्ट फॉर्मूला’ को अपनाते हैं—यानी रटने के बजाय समझना, लिखने का निरंतर अभ्यास करना और समय का सटीक प्रबंधन—तो 12 मार्च 2026 की दोपहर को आप परीक्षा हॉल से एक विजेता की मुस्कान के साथ बाहर निकलेंगे।

याद रखें, 100/100 केवल एक संख्या नहीं है, यह आपकी मेहनत और सही दिशा का प्रमाण है। आप सक्षम हैं, आप तैयार हैं, अब बस उसे साबित करने का समय है। मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं! 🌟

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या सीबीएसई में अच्छी हैंडराइटिंग के अतिरिक्त अंक मिलते हैं? उत्तर: आधिकारिक तौर पर सुंदर हैंडराइटिंग के लिए कोई अलग अंक नहीं हैं, लेकिन ‘पठनीयता’ (Readability) के अदृश्य अंक होते हैं। यदि एग्जामिनर आपका उत्तर आसानी से पढ़ पा रहा है, तो वह उदारता से अंक देता है। स्पष्टता ही आपकी कुंजी है।

प्रश्न 2: यदि मैं वर्ड लिमिट से 10-20 शब्द ज्यादा लिख दूँ तो क्या होगा? उत्तर: आमतौर पर 10% की छूट मिल जाती है, लेकिन उससे अधिक होने पर परीक्षक ‘Fluency’ और ‘Cohesion’ में अंक काट सकता है। साथ ही, इससे आपका समय भी कम होता है। इसलिए निर्धारित सीमा में रहना ही बुद्धिमानी है।

प्रश्न 3: लिटरेचर में ‘वैल्यू-बेस्ड’ प्रश्नों की तैयारी कैसे करें? उत्तर: इसके लिए अध्याय के ‘Moral’ (नैतिक शिक्षा) पर ध्यान दें। उदाहरण के लिए, ‘The Rattrap’ से यह सीखें कि ‘दयालुता दुनिया को बदल सकती है’। इन जीवन मूल्यों को जब आप उत्तर में पिरोते हैं, तो वह एक आदर्श उत्तर बन जाता है।

प्रश्न 4: ग्रामर सेक्शन में सबसे कठिन हिस्सा क्या है? उत्तर: अधिकांश छात्र ‘Tense consistency’ और ‘Subject-Verb Agreement’ में गलती करते हैं। यह कठिन नहीं है, बस इसे ध्यान से देखने (Re-checking) की जरूरत है।

प्रश्न 5: क्या सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है, भले ही वे न आते हों? उत्तर: बिल्कुल। अंग्रेजी में ‘Step Marking’ होती है। यदि आप प्रश्न से संबंधित की-वर्ड्स या अध्याय की कोई प्रासंगिक बात भी लिखते हैं, तो आपको आधा या एक अंक मिल सकता है। खाली छोड़ने पर शून्य ही मिलेगा, इसलिए कोशिश जरूर करें।

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