Date-wise Plan of Bouquet of Activities (PPC 2026)

Focused teenager studying with open textbooks, eyeglasses, and notes.

परीक्षा पे चर्चा 2026: सिर्फ़ परीक्षा की बात नहीं, ये 5 बातें आपको हैरान कर देंगी!

जब हम ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) का नाम सुनते हैं, तो हमारे मन में प्रधानमंत्री का छात्रों के साथ परीक्षा के तनाव पर संवाद करने का दृश्य उभरता है। यह इसका सबसे लोकप्रिय पहलू है, लेकिन यह पूरी कहानी का महज़ एक अंश है। वास्तव में, यह मुख्य कार्यक्रम एक बहुत बड़े और गहरे दृष्टिकोण वाले राष्ट्रव्यापी अभियान का सिर्फ समापन है, जो एक सोची-समझी रणनीति के तहत डिज़ाइन किया गया जुड़ाव का एक इकोसिस्टम है।

इस साल, PPC 2026 के 9वें संस्करण के लिए तीन करोड़ से अधिक प्रतिभागियों का रिकॉर्ड पंजीकरण हुआ है, जो इस पहल की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है। लेकिन इसका असली सार 12 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाली गतिविधियों के गुलदस्ते में छिपा है। यह लेख आपको इस पहल के पाँच सबसे हैरान करने वाले और प्रभावशाली पहलुओं के बारे में बताएगा, जो यह साबित करते हैं कि इसका लक्ष्य अकादमिक सफलता से कहीं बढ़कर चरित्र, लचीलापन और नागरिक पहचान को आकार देना है।

एक दिवसीय संवाद नहीं, 12 दिवसीय राष्ट्र-निर्माण पर्व

परीक्षा पे चर्चा केवल एक घंटे का टीवी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक 12-दिवसीय उत्सव है। यह अवधि 12 जनवरी, यानी स्वामी विवेकानंद जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस से शुरू होकर 23 जनवरी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर मनाए जाने वाले पराक्रम दिवस तक चलती है। इस दौरान देश भर के स्कूलों में ऐसी गतिविधियाँ होती हैं जिनका दायरा परीक्षाओं से कहीं आगे बढ़कर शारीरिक फिटनेस, राष्ट्रीय गौरव और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को छूता है।

PPC 2026 के लिए दो केंद्रीय विषय निर्धारित किए गए हैं: “स्वदेशी” और “हमारी सशस्त्र सेनाओं के साहस और वीरता का उत्सव”। यह दृष्टिकोण बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परीक्षा की बातचीत को अकादमिक दबाव के संकीर्ण दायरे से निकालकर एक छात्र की भविष्य के नागरिक के रूप में भूमिका के बड़े संदर्भ में स्थापित करता है। यह शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ने का एक व्यावहारिक प्रयास है।

आधुनिक मीम्स की दुनिया से प्राचीन योग की शांति तक

इस पहल की सबसे दिलचस्प रणनीतियों में से एक यह है कि यह छात्रों से जुड़ने के लिए आधुनिक और पारंपरिक गतिविधियों का अद्भुत संतुलन बनाती है। एक ओर, “छात्रों द्वारा मीम निर्माण” (#StudentVoicesPPC) जैसी गतिविधि है, जो Gen-Z की डिजिटल भाषा का चतुराई से उपयोग करती है। इसमें छात्रों को गजराज (G20), शेरा (राष्ट्रमंडल खेल) और प्रज्ञान (चंद्रयान-3) जैसे आधिकारिक भारतीय शुभंकरों से प्रेरणा लेकर सकारात्मक संदेश वाले मीम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह राष्ट्र-निर्माण की गाथाओं को उस माध्यम में पिरोने का एक सूक्ष्म तरीका है जिस पर युवाओं की पकड़ है।

दूसरी ओर, मन की शांति के लिए “योग-सह-ध्यान सत्र” (#YogaForPPC) और टीम वर्क व फिटनेस को बढ़ावा देने वाले “स्वदेशी खेल सत्र” (#BharatiyaGamesPPC) हैं, जिनमें खो-खो, कबड्डी और शतरंज जैसे खेल शामिल हैं। ये स्वदेशी खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ‘सांस्कृतिक स्वदेशी’ का एक रूप हैं। यह दोहरा दृष्टिकोण छात्रों को उनकी जड़ों से जोड़ते हुए उनकी समकालीन रचनात्मकता को भी एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है।

आत्मनिर्भर भारत की शपथ: जब दौड़ बनी एक संकल्प

राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित “स्वदेशी संकल्प दौड़” (#SwadeshiPPC) सिर्फ एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता के प्रति एक जीवंत प्रतिबद्धता है। इस दौड़ से पहले, सभी प्रतिभागी—छात्र, शिक्षक और नागरिक—एक औपचारिक “स्वदेशी संकल्प” लेते हैं। एक शिक्षा रणनीतिकार की दृष्टि से, यह एक शक्तिशाली मनोवैज्ञानिक युक्ति है। यहाँ दौड़ जैसी शारीरिक क्रिया को एक मौखिक शपथ के साथ जोड़ा गया है, जिससे आत्मनिर्भरता का विचार युवाओं के मन में गहराई से अंकित हो जाता है।

यह गतिविधि सीधे तौर पर शारीरिक स्वास्थ्य को राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों से जोड़ती है। यह सिर्फ एक संकल्प नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” का समर्थन करने, भारतीय निर्मित उत्पादों को चुनने और “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण में योगदान देने की एक सक्रिय प्रतिज्ञा है।

मैं, अपने प्रिय भारत का एक (छात्र/शिक्षक/नागरिक), स्वदेशी की भावना को बनाए रखने हेतु सत्यनिष्ठापूर्वक यह संकल्प करता/करती हूँ कि अपने दैनिक जीवन में भारतीय निर्मित उत्पादों का सचेत रूप से चयन करूँगा/करूँगी तथा उनका प्रचार-प्रसार करूँगा/करूँगी। हम ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी राष्ट्रीय नवाचारों का समर्थन करते हुए आत्मनिर्भर भारत के उत्थान के लिए स्वयं को प्रतिबद्ध करते हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों एवं उद्योगों को सशक्त बनाया जा सके। राष्ट्रीय गौरव एवं पूर्ण निष्ठा के साथ, मैं 2047 तक एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत—’विकसित भारत’—के निर्माण हेतु माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने में अपना योगदान देने का संकल्प करता/करती हूँ।

ज्ञान का अंतिम पड़ाव: परीक्षा रणनीति नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा

शायद इस अभियान का सबसे आश्चर्यजनक पहलू इसका समापन है। 12 दिनों की गतिविधियों का अंत परीक्षा की रणनीतियों पर चर्चा के साथ नहीं, बल्कि 23 जनवरी (पराक्रम दिवस) को “#OpSindoor पर एक केंद्रित क्विज़” के साथ होता है। यह क्विज़ “निर्दोष जीवन की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ और निर्णायक प्रतिक्रिया” पर आधारित है।

यह एक जिला-स्तरीय प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) करता है और इसमें प्रत्येक जिले से केवी, जेएनवी, सीबीएसई और राज्य बोर्ड के स्कूलों से कक्षा IX से XII तक के 100 छात्रों को शामिल किया जाता है। यह समापन PPC 2026 के दूसरे केंद्रीय विषय—हमारी सशस्त्र सेनाओं के शौर्य का उत्सव—को सशक्त रूप से रेखांकित करता है। यह एक स्पष्ट संदेश देता है कि एक आत्मनिर्भर भारत की नींव एक सुरक्षित भारत है, और सच्ची शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विकास भी है।

छात्र केवल श्रोता नहीं, बल्कि कहानी के नायक हैं

यह पहल शिक्षा के पारंपरिक मॉडल को चुनौती देती है, जहाँ छात्र केवल ज्ञान प्राप्त करने वाले निष्क्रिय श्रोता होते हैं। यहाँ, छात्रों को निर्माता और नेता की भूमिका में रखा गया है। “छात्र एंकर – छात्र अतिथि इंटरैक्टिव सत्र” (#StudentDialoguePPC) जैसी गतिविधियों में, छात्र स्वयं तनाव प्रबंधन और भावनाओं को समझने जैसे विषयों पर चर्चा का नेतृत्व करते हैं।

इसके अलावा, “परीक्षा और जीवन कौशल पर नुक्कड़ नाटक” (#ExamWarriorPPC), “लघु वीडियो और छात्र प्रशंसापत्र” (#LetsTalkPPC), और “छात्रों द्वारा कविता और गीत” (#TellTalesPPC) जैसी गतिविधियाँ उन्हें अपनी रचनात्मकता और विचारों को व्यक्त करने का अवसर देती हैं। यह बदलावमहत्वपूर्ण है क्योंकि यह रटने की शिक्षा से परे जाकर 21वीं सदी के आवश्यक कौशल—जैसे नेतृत्व, आलोचनात्मक सोच और सार्वजनिक भाषण—को बढ़ावा देता है। ये वे कौशल हैं जो एक आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर नागरिक के निर्माण के लिए अनिवार्य हैं।

निष्कर्ष: योद्धाओं का निर्माण, न कि केवल चिंता करने वालों का

अंततः, परीक्षा पे चर्चा 2026 एक व्यापक आंदोलन है जिसका उद्देश्य केवल परीक्षा के तनाव को दूर करना नहीं, बल्कि एक ऐसी युवा पीढ़ी का पोषण करना है जो समग्र रूप से विकसित, लचीली, रचनात्मक और राष्ट्रीय रूप से जागरूक हो। यह पहल समग्र विकास और अनुभवात्मक नागरिक शिक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो दिखाती है कि शिक्षा की असली शक्ति कक्षा की दीवारों के बाहर है। इसका लक्ष्य परीक्षाओं में सफल होने से कहीं आगे बढ़कर एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है जो जीवन की हर चुनौती के लिए तैयार हो।

यह हमें इस गहरे सवाल पर सोचने के लिए विवश करता है: जब हम शिक्षा को इस व्यापक और उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण से देखते हैं, तो एक ‘सफल’ छात्र की हमारी परिभाषा कैसे बदल जाती है?

Date-wise Plan of Bouquet of Activities (PPC 2026)

DateActivity NameHashtagWhat to Do (Activity Details)Items / Materials RequiredBest Classes to Involve
12 Jan 2026(National Youth Day)Swadeshi Sankalp Daud (Run/Walk)#SwadeshiPPCOrganise 2 km / 3 km / 5 km run or walk. Administer Swadeshi pledge before the start. Brief students on Swami Vivekananda’s ideals, Atmanirbhar Bharat and physical fitness.Pledge printouts, banners, whistle, water bottles, first-aid kit, school flagsVI – XII
13 Jan 2026Vande Mataram – The Mantra of Freedom#VandeMataramPPCExplain history, author and significance of Vande Mataram. Group recitation or choir singing with patriotic briefing.Audio system, lyrics printouts, projector (optional), tricolour decorationsVI – XII
14 Jan 2026Indigenous Games Sessions#BharatiyaGamesPPCConduct traditional Indian games such as Kho-Kho, Kabaddi, Langdi and Chess to promote teamwork, fitness and joy of learning.Ground marking chalk, whistles, chess boards, score sheetsVI – X
15 Jan 2026Meme Creation by Students#StudentVoicesPPCStudents create positive memes on exams, life skills and national values. Encourage use of Indian mascots (Pragyan, Gajraj, etc.). Display best entries.Computers/mobiles, internet access, chart paper for displayIX – XII
16 Jan 2026Nukkad Natak on Exam & Life Skills#ExamWarriorPPCShort street plays/skits on exam stress management, motivation, parenting, discipline and life skills. Perform during assembly or open areas.Simple costumes, placards, handheld mic (if available)VIII – XII
17 Jan 2026Short Videos & Student Testimonials#LetsTalkPPCRecord short videos where students share learnings and positive impact of PPC on stress management and confidence.Smartphone/camera, backdrop banner, quiet recording spaceIX – XII
18 Jan 2026Student Anchor – Guest Interactive Session#StudentDialoguePPCInvite counsellor/teacher/local achiever. Students anchor the session, conduct Q&A and facilitate discussions on emotions and resilience.PA system, microphones, seating arrangement, guest welcome kitIX – XII
20 Jan 2026Yoga-cum-Meditation Session#YogaForPPCConduct guided yoga, breathing exercises and meditation sessions focusing on calmness, concentration and mental well-being.Yoga mats, speaker system, open hall/groundVI – XII
21 Jan 2026Poetry & Songs by Students#TellTalesPPCStudent-composed poems, songs or prose on nationalism, freedom struggle, Swadeshi and youth empowerment.Microphone, stage space, tricolour propsVI – XII
22 Jan 2026Poster Making Activity#MyPPCCreate posters on Swadeshi, exam positivity, Armed Forces’ courage and national values. Display best posters in school corridors.Drawing sheets, colours, sketch pens, tape/pinsVI – X
23 Jan 2026(Parakram Diwas)Quiz on Operation Sindoor#OpSindoorDistrict-level quiz as per KVS guidelines with participation from KV/JNV/CBSE/State Board schools. Quiz curated by NCERT.Quiz questions, projector, buzzer/bell, certificates, refreshmentsIX – XII

2 thoughts on “Date-wise Plan of Bouquet of Activities (PPC 2026)”

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