शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब छात्रों को अपनी जन्मतिथि अंक में और जन्म महीना अक्षरों में लिखना होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी छात्र की जन्मतिथि 1 फरवरी 2005 है, तो उसे 01-FEB-2005 के रूप में लिखना होगा। 01-02-2005 लिखा गया फॉर्मेट अब स्वीकार्य नहीं होगा। यह नया पैटर्न न केवल रजिस्ट्रेशन के लिए बल्कि परीक्षा आवेदन पत्र और प्रमाणपत्रों में भी लागू होगा।
बोर्ड के इस फैसले पर सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के संगठन ‘सहोदया’ के सतीश कुमार ने कहा कि पहले सभी अंकों में जन्मतिथि दर्ज करने से कई बार भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती थी। दिन और महीने के अंक एक जैसे दिखने से गलतफहमियां होती थीं। अब इस नए फॉर्मेट के तहत इन परेशानियों का समाधान हो जाएगा।
साथ ही, इस साल बोर्ड ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है—रजिस्ट्रेशन के बाद छात्रों की जानकारी में कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकेगा। पहले, परीक्षा से पहले तक स्कूल छात्रों या उनके अभिभावकों के अनुरोध पर नाम और जन्मतिथि में सुधार कर सकते थे, लेकिन अब बोर्ड ने आदेश दिया है कि परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद ही किसी तरह का संशोधन किया जा सकेगा।
बोर्ड के इन नए नियमों से अब रजिस्ट्रेशन और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी।
Written by CBSERanker Team
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