भारत सरकार पूरे देश को AI सिखा रही है: ‘YUVA AI for All’ अभियान की 5 सबसे महत्वपूर्ण बातें

Man in office with coffee, smiling while working at laptop, captures the essence of remote work.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा हर तरफ है, लेकिन आम लोगों के लिए यह अक्सर एक जटिल और intimidating विषय लगता है। यह एक ऐसी तकनीक है जो हमारे भविष्य को आकार दे रही है, लेकिन इसे समझना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है।

इसी चुनौती को अवसर में बदलने और AI को हर भारतीय तक पहुँचाने के लिए, भारत सरकार ने एक अभूतपूर्व पहल शुरू की है: ‘युवा एआई फॉर ऑल’ (YUVA AI for All) अभियान। यह सिर्फ एक और ऑनलाइन कोर्स नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण और ‘सार्वजनिक भलाई के लिए एआई’ (AI for public good) में भारत के नेतृत्व को मज़बूत करने की राष्ट्रीय रणनीति का एक केंद्रीय हिस्सा है। इस लेख में, हम इस राष्ट्रीय मिशन के पांच सबसे प्रभावशाली पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे जो इसे एक असाधारण पहल बनाते हैं।

यह सिर्फ एक कोर्स नहीं, एक राष्ट्रीय आंदोलन है

यह समझना महत्वपूर्ण है कि ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कोई छोटा-मोटा कोर्स नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के इंडियाएआई मिशन (IndiaAI Mission) के नेतृत्व में एक बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा राष्ट्रीय अभियान है।

इसकी विशालता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कई मंत्रालय और विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, CBSE, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS) और विभिन्न राज्य सरकारें शामिल हैं। यह “सरकार के संपूर्ण” (whole-of-government) दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो इस अभियान को आवश्यक पैमाने पर ले जाने और इसे मौजूदा शैक्षिक और युवा नेटवर्क में एकीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसका लक्ष्य ‘सामूहिक एआई लर्निंग का एक राष्ट्रव्यापी क्षण’ बनाना है, जो ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाता है।

AI सबके लिए है – किसी तकनीकी ज्ञान की ज़रूरत नहीं

इस अभियान की सबसे खास बातों में से एक यह है कि इसमें भाग लेने के लिए किसी भी तरह के पूर्व तकनीकी ज्ञान या पृष्ठभूमि की कोई आवश्यकता नहीं है। यह कोर्स विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो AI की दुनिया में अपना पहला कदम रख रहे हैं।

इसके लक्षित समूहों में शामिल हैं:

  • स्कूल के छात्र (माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक)
  • युवा और पहली बार सीखने वाले
  • शिक्षक और सरकारी अधिकारी
  • AI के बारे में जागरूकता चाहने वाला कोई भी नागरिक

यह दृष्टिकोण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका लक्ष्य एआई साक्षरता को एक विशेष तकनीकी विषय से बदलकर भारत के भविष्य के कार्यबल और नागरिकों के लिए एक साझा राष्ट्रीय योग्यता (shared national competency) बनाना है।

शुरुआत का दिन है बेहद खास और प्रतीकात्मक

इस अभियान को 12 जनवरी को केंद्रित किया गया है, जो स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय युवा दिवस है।

तारीख का यह चुनाव बेहद प्रतीकात्मक है। यह एआई साक्षरता के आधुनिक लक्ष्य को युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक विषयों से जोड़ता है। राष्ट्रीय युवा दिवस पर इस अभियान को केंद्रित करना यह दर्शाता है कि यह पहल भारत के युवाओं को भविष्य की तकनीक से लैस करने और देश के विकास में उनकी भूमिका को मज़बूत करने के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

कहीं भी, किसी भी प्लैटफॉर्म पर सीखें

अधिकतम लोगों तक पहुंच और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए, यह कोर्स किसी एक वेबसाइट तक सीमित नहीं है। इसे कई जाने-माने राष्ट्रीय और वैश्विक प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है ताकि कोई भी अपनी पसंद के प्लैटफॉर्म से इसे पूरा कर सके।

इन प्लैटफॉर्म की सूची में शामिल हैं:

  • iGOT कर्मयोगी (iGOT Karmayogi)
  • दीक्षा (DIKSHA)
  • फ्यूचरस्किल्स प्राइम (FutureSkills Prime)
  • इंटेलिपात (Intellipaat)
  • खान अकादमी (Khan Academy)
  • कोर्सेरा (Coursera) और अन्य प्रमुख प्लैटफॉर्म (जिन्हें जल्द ही जोड़ा जाएगा)

यह रणनीति सुनिश्चित करती है कि सीखने वाले ‘अपनी सुविधानुसार किसी भी प्लैटफॉर्म पर’ नामांकन कर सकते हैं और कोर्स पूरा कर सकते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया में आने वाली संभावित बाधाएं दूर होती हैं।

कोर्स कहाँ से करें (डिलीवरी प्लेटफॉर्म)

अधिकतम पहुँच और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, YUVA AI for All कोर्स कई राष्ट्रीय और वैश्विक प्लेटफॉर्मों पर होस्ट किया गया है4. शिक्षार्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी प्लेटफॉर्म पर नामांकन कर सकते हैं और कोर्स पूरा कर सकते हैं5.

यहां वे मुख्य प्लेटफॉर्म दिए गए हैं जहां यह कोर्स उपलब्ध है:

iGOT Karmayogi platform (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) –

https://portal.igotkarmayogi.gov.in/app/toc/do_1144314741016166401174/overview4

DIKSHA

https://learning.diksha.gov.in/diksha/course.php?id=959&section=20755

FutureSkills Prime (MeitY–NASSCOM) –

https://www.futureskillsprime.in/course/yuva-ai-for-all/5

Intellipaat – YUVA AI for ALL – Intellipaat Academy5

Khan Academy

https://www.khanacademy.org/partner-content/yuva-ai-for-all5

Coursera और अन्य प्रमुख प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म को भी जल्द ही इसमें शामिल किया जाएगा5. सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने पर, शिक्षार्थियों को IndiaAI मिशन और MeitY द्वारा एक सरकारी-अधिकृत प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा4.

पूरी पारदर्शिता के लिए एक रियल-टाइम डैशबोर्ड

अभियान की प्रगति को ट्रैक करने और पूरी पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, एक केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा। यह डैशबोर्ड सिर्फ एक प्रगति ट्रैकर नहीं, बल्कि डेटा-संचालित शासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

यह डैशबोर्ड सार्वजनिक नीति में सर्वोत्तम प्रथाओं को दर्शाता है, जिसमें ऐसे संकेतक शामिल हैं जो गहरी विश्लेषणात्मक अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। जनसंख्या-सामान्यीकृत संकेतकों और लिंग विश्लेषण जैसे मेट्रिक्स को शामिल करना समानता, समावेश और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

डैशबोर्ड पर निम्नलिखित प्रमुख आंकड़ों को रियल-टाइम में ट्रैक किया जाएगा:

  • सभी प्लैटफॉर्म पर कुल नामांकन और कोर्स पूरा करने वालों की संख्या
  • राज्य और जिले के अनुसार कोर्स पूरा करने का डेटा
  • जनसंख्या-सामान्यीकृत संकेतक (जैसे प्रति 1,000 जनसंख्या पर पूर्णता)
  • क्षेत्र-अनुसार रैंकिंग (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर)
  • लिंग और आयु-वर्ग के आधार पर विश्लेषण (जहां डेटा उपलब्ध हो)

निष्कर्ष: AI-तैयार भारत की नींव

‘युवा एआई फॉर ऑल’ अभियान सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम से कहीं बढ़कर है; यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज्ञान को लोकतांत्रिक बनाने और भारत को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बुनियादी कदम है।

यह अभियान केवल एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सतत, मापनीय और समावेशी AI साक्षरता आंदोलन की नींव है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना, जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देना और ‘सार्वजनिक भलाई के लिए एआई’ के उपयोग में भारत के नेतृत्व को मज़बूत करना है।

जब भारत के लाखों युवा AI की बुनियादी समझ से लैस होंगे, तो भविष्य में क्या संभावनाएं खुल सकती हैं?

104 thoughts on “भारत सरकार पूरे देश को AI सिखा रही है: ‘YUVA AI for All’ अभियान की 5 सबसे महत्वपूर्ण बातें”

    1. Yatharth kaushik

      Yess ,if not controlled with rules and regulation,also some restriction on use.
      Ai will effect the unemployment rate in india..

  1. Bhartiya taknik is an AI modeo that India has launch for make an intelligent India so India AI mission was launched as well as Yuva also.

    1. Is AI is a good for career option in today’s generation it create many opportunity just like when the machine come in the humans life it create many jobs

  2. ARYAN KUMAR CHOUDHARY

    It’s good for all kind of work but sometimes it’s harmful.
    And also it’s upgrade my learning skills.
    It is very important to me.
    I want to learn ai.
    This is so helpful for our future and our education.

  3. NOWADAYS MOST OF THE HUMAN POPULATION IS DEPENDENT UPON AI OR DIGITAL THINGS SO IF I UNDERSTAND REVERSE AI THEN I CAN CONTROL MANY THINGS AND IT WILL MAKE MY LIFE EASY.

  4. AI can also be helpful and harmful , nowadays people are using AI in a wrong way and causing harm , AI doesn’t know each and everything ,so we have to use it carefully and make it helpful for our studies and understandings instead of using it for our simple chores , hobbies , and wrong works
    AI shouldn’t take our place ,it’s just to make our work easier and help us understand more things , so we should use AI a little less in my opinion but I am looking forward to learn more about it of how can we use it more efficiently

  5. Here are some key points about the usefulness of AI:

    1. *Efficiency*: AI can automate repetitive tasks, saving time and increasing productivity.
    2. *Accuracy*: AI systems can process large amounts of data with high accuracy, reducing errors.
    3. *Personalization*: AI can tailor experiences to individual users based on their preferences and behavior.
    4. *Decision-making*: AI can analyze data and provide insights to support informed decision-making.
    5. *Innovation*: AI can enable new products, services, and business models that were not previously possible.

    Some potential areas for improvement include:

    1. *Bias and fairness*: AI systems can perpetuate biases present in the data used to train them.
    2. *Transparency and explainability*: AI decision-making processes can be complex and difficult to understand.
    3. *Security and privacy*: AI systems can be vulnerable to cyber attacks and data breaches.
    4. *Dependence on data quality*: AI systems are only as good as the data they are trained on.

    Overall, AI has the potential to bring significant benefits, but it’s essential to be aware of its limitations and challenges.

    What specific aspect of AI would you like to know more about?

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